हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,कशान में पत्रकार दिवस और इस क्षेत्र में शहीद हुए प्रमुख पत्रकारों की याद में नतांज़ में आयोजित “मौज-ए-161” कार्यक्रम में जनता और अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और जोशीला माहौल प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मैदान के कमांडर अली रज़ा बाबाख़ानी ने “इज़राइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” जैसे नारे लगवाए। उन्होंने वैश्विक साम्राज्यवादी नीतियों के प्रति विरोध जताते हुए “अल्लाहु अकबर” के नारों से माहौल को जोशीला बना दिया।
इसके बाद अहमदी ने ईरान की संप्रभुता और फ़ारस की खाड़ी की रक्षा के समर्थन में कविताएं पढ़ीं, जिससे उपस्थित लोगों में जोश और उत्साह बढ़ गया।
नतांज़ के इस्लामी प्रचार विभाग के प्रमुख हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन सैयद जवाद हैदरी तबातबाई ने पत्रकार दिवस पर मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों को बधाई दी। उन्होंने उन शहीद पत्रकारों की याद को सम्मानपूर्वक याद किया, जिन्होंने इस्लामी क्रांति की उपलब्धियों, मूल्यों और उच्च आदर्शों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने दुश्मन की शक्ति का विश्लेषण करते हुए कहा कि दुश्मन हाल के महीनों में ही नहीं, बल्कि पिछले 47 वर्षों के दौरान भी ईरानी व्यवस्था के सामने कोई सफलता हासिल नहीं कर सका है और इस व्यवस्था की शक्ति के सामने पराजित हुआ है।
नतांज़ के इस्लामी प्रचार विभाग के प्रमुख ने लोगों से अपील की कि वे सैनिकों और लड़ाकों के साथ खड़े रहें और दुआ तथा इमाम ज़माना (अ.स.) की बारगाह में इस्तिग़ासा के माध्यम से इस विश्वास के साथ रहें कि इस्लामी योद्धाओं की विजय निश्चित है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से सीधे संपर्क और उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से जिहाद-ए-ख़िदमत” सेवा डेस्क भी लगाया गया, जिसे नतांज़ की बासिज़ी बेसिज़त-ए-बअसत के कमांडर ने संचालित किया। यह सेवा डेस्क लोगों के बीच विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा।

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